कॉल सेन्टर के उपर हुआ धमाका

 हेल्लो दोस्तो | आज मै आपको अपने एक पड़ोस वाले की सच्ची कहानी सुनाने जा रहा हूँ | इस कहानी से मुझे एक ऐसी सच्चाई मालूम चली कि आज हमारे देश में कुछ ऐसे लोग है जो इतना कुछ करते है और हमे मालूम भी नही चलता है | बचपन मैंने गाव पर बिताया था | जब मै कुछ जवान हो गया तो मै गाव छोड़कर अपने मौसा के घर पर महमान बनकर आया था | कुछ दिन तक मेरे मौसा के घर पर महमान बनकर रहने के बाद मैंने मौसा से कहा की मै आप लोगो के उपर बोज बन गया  | इसलिए मुझे कुछ जॉब करना है | मेरे मौसा उस समय एक फैक्ट्री में कार्य किया करते थे | जब मेरी फैक्ट्री में नौकरी लग गयी तो उस फैक्ट्री की एक लड़की को मैंने पटाया था | इसके आलावा पटाने के बाद मैंने उस लड़की को उस फैक्ट्री में चोदा था | जब मै गाव से शहर आया था तो फैक्ट्री में भरती चल रही थी |

इसलिए मैंने फैक्ट्री में कार्य करने के लिए हा कर दिया | जब मै फैक्ट्री पर एक कर्मचारी बनकर कार्य किया करता था तब मेरे मौसा ने मुझे बताया की फैक्ट्री पर कार्य करते समय सावधानी बरतना पडता है | बिना सावधानी से कोई हादसा हो सकता है | उन्होने मुझे एक किस्सा भी सुनाया था | एक दिन फैक्ट्री में कार्य करते समय एक हादसा हो गया था | एक कर्मचारी फैक्ट्री की एक बड़ी मशीन पर चड कर कुछ कार्य कर रहा था | लेकिन उसने हाथ में बिना कुछ पहने बिजली को सुधार रहा था तब उस लड़के को एक बिजली का झटका लग गया | वो मशीन से निचे गिर गया | जब वो मशीन से निचे गिरा तब वो काफी घायल हो गया था |

उस कर्मचारी को डॉक्टर के पास ले कर भागना पड़ा | उस कर्मचारी की हालत गंभीर थी और उसे बचाने के लिए डॉक्टर के पास ले जाना पड़ा | अगर वो देरी से डॉक्टर के पास पहुचता तो वो बच नही पाता | उस कर्मचारी को डॉक्टर ने सलाह दिया था की तुम्हे एक महीने लग सकते है | क्योकि उसे काफी चोट आया था जब वो उपर से निचे गिर गया था | जब वो चोटों से घायल हो चूका था तो वो करीब एक महीने तक कार्य नही कर पाया लेकिन उसे फैक्ट्री ने एक महीने का तनखा दिया क्योकि उसे चोट कार्य करने के दौरान लगी थी | मुझे फैक्ट्री में सावधानी नही रखने पर परिणाम झेलने पडता है मालूम चल गया था | उस फैक्ट्री में लडकिया भी कार्य किया करती थी | मैंने एक लड़की को पटाया था | जब मै फैक्ट्री में कार्य किया करता था तब मै मौसा की सलाह को जोर दिया करता था ताकि फैक्ट्री पर मुझे कोई चोट न लग जाये इसलिए सावधानी बरता करता था |

फैक्ट्री में चोट लगना एक सम्भव सी घटना है | जिस दिन अगर मुझे चोट लगती है तो फैक्ट्री मुझे तनखा अवस्य देती है | फैक्ट्री न केवल रुपय कमाने का जरिया बल्कि फैक्ट्री में चोट लगने पर हादसा होता है तो फैक्ट्री हादसे के लिए खर्च तो देती है और फैक्ट्री पर आने में असमर्थ हो जाने पर हर महीने तनखा भी देती है | उस फैक्ट्री पर मुझे एक मशीन चलाने के लिए दिया गया था | मै जब फैक्ट्री में कार्य किया करता था तब एक लड़की को अपने ओर अकर्सित करने के लिए मैंने उसे मिटाई भी खिलाया था | मै हमेशा मिटाई खिलाने के बहाने उसे पटाने में लगा रहता था | एक दिन उसने मुझे कहा तुम मेरे लिए रोज मिटाई क्यों लाते हो तब मैंने उससे कहा कुछ नही मुझे मिटाई खिलाने का सौक है | एक दिन उसे मिटाई देते समय मैंने उस लड़की से कह दिया मै तुमको पसन्द करता  इसलिए तुम्हे मिटाई खिलाता | वो लड़की उस दिन के बाद से मुझे देखकर हसा करती थी | जब मै हस्ता था तो वो भी हसा करती थी | मै फैक्ट्री पर कार्य करने में व्यस्त रहा करता था |

मै मशीन पर अपना कुछ समय दिया करता था और बड़ी गाडी के ढाचे तयार किया करता था | मै एक गाडी बनाने वाले फैक्ट्री में तो था लेकिन इस फैक्ट्री में कुछ और समाग्री भी तयार किया जाता था | एक बड़ी फैक्ट्री होने के कारण इस फैक्ट्री में सब कुछ तयार किया जाता था | मै कई कर्मचारियो के साथ मिलकर एक चार पहिया वाहन तयार किया करता था | एक कर्मचारी कार्य करते समय हमे आदेश दिया करता था की हमे गाडी को किस आकार में ढालना है | क्योकि वो कर्मचारी सब कर्मचारियो के ऊपर रहा करता था | सबसे उपर होने के कारण वो हमे आदेश दिया करता था | उसके आदेश के अनुसार हम लोग कार्य को सम्पन किया करते थे | एक चार पहिया वाहन में कितनी बड़ी मशीन लगाना है वो तय किया करता था | पहेले वो तय करता था की गाडी में क्या समाग्री लगाना है उसके बाद हम गाडी को बनाने का कार्य शुरु करते थे | मै जिस लड़की को पटाने के लिए लगा रहता था तब वो लड़की और कुछ लडकियो के साथ मै जहा कार्य करती थी | वो मुझ से मशीन चलाने के विषय में पूछा करती थी | मुझे ऐसा लगता की वो भी मुझे पसन्द करती है | एक दिन मैंने उससे पूछा की आप मुझे पसन्द करती हो तो उसने भी हा कह दिया | मुझे अगले दिन वो इस तरह देख रही थी जैसे की उसके लिए मै कोई खास  | वो देर तक मुझे घुर रही थी और फिर उसने मुझ से बात करना शुरु कर दिया | बात करने के दौरान वो मेरे काफी करीब थी | उसको पास में खड़ा देखकर मैंने उसको गले लगा लिया और उसने भी मुझे गले लगाया |

मै कुछ समय तक उसके दूध दबा रहा था | फिर कुछ समय बाद मुझे मालूम चला की हम लोग फैक्ट्री में है और हमें कोई देख सकता था | इसलिए मैंने उससे कहा कही एकांत में चलते है क्योकि कोई आ सकता है | वो भी मेरे साथ एकांत में चलने के लिए तयार हो चुकी थी | एकांत में ले जाकर मैंने उसके कपड़ो को उतरा और उसके दूध पीना लगा | मै कुछ कर पाता तभी मुझे मालूम चला की कोई हमारे पास आ रहा है | उस लड़की को मैंने कहा हम अगली बार चूमा चाटी करेंगे | उसने मुझे वादा दिया की मै अवस्य तुमसे मिलने के लिए आऊँगी | मै जब फैक्ट्री पर कार्य किया करता था तब हमारे एक बन्दे जो हमसे औदे में बड़े थे तो वो गाडी चलाकर गाडी की गुणवक्ता को देखा करता था | गाडी अगर ठीक ठाक चलती थी तो वो उस गाडी को एक गोदाम में रखवाने के लिए भेज देता था | अगर गाडी में कुछ बदलना रहता है तो वो उस गाडी में बदलाव के लिए कर्मचारी के पास भेज दिया करता था | फैक्ट्री में गाडी बनाने का कार्य करते समय मैंने काफी कुछ सिख लिया था | मुझे फिलहाल गाडी में किस पुर्जे को कहा पर लगाना है इतना मालूम है लेकिन कोई बेगडी हुई गाडी को मै सुधार नही सकता  | कुछ साल तक गाडी के ढाचे तयार करना सिखने के बाद मैंने गाडी को रंगने का कार्य भी किया है | जब मै फैक्ट्री में कार्य किया करता था तो वो लड़की किसी बहाने से वहा आती थी और मुझे देखती रहती थी | उस समय जब वो आजाती थी तो मुझे ऐसा लगता था की कार्य छोडकर उसके होटो को चुमू और उसके दूध को चुसो | लेकिन उस समय कई लोग मौजूद रहते है इसलिए उसके दूध पीना और होटो को चूमना सम्भव नही था |

शाम का समय होता था तब मै उससे मिलने के लिए जाया करता था | मुझे जब गाडी को रंगने का कार्य सौपा गया तो मै गाडी को कई रंगों में रंगा करता था कभी लाल , पीला , नीला , सफेद , इत्यादि रंगो में रंगा करता था | गाडी फैक्ट्री में जब कार्य करता था तब मुझे एक बाहर के शहर के लिए जाने के लिए आदेश आया था | जब मुझे आदेश आया तो मै बाहर वाले शहर पर गया और वहा पर इस फैक्ट्री की ब्रांच थी जहा पर गाडी को बनाया जाता था | मै जिन गाडी को तयार किया करता था उनकी किमत 3 लाख से 10 लाख की हुआ करती थी | सस्ती कार को तयार करने सस्ता होता है लेकिन जो महंगी कार होती है उसे तयार करने में समय लगता है | क्योकि महंगी कार में काफी कुछ लगाया जाता था | जब महंगी कार तयार हो जाती थी तो देखने में काफी सुन्दर लगती थी | मेरी कार्यकुसलता के कारण मुझे फैक्ट्री की तरफ से पद उन्नति भी मिली | जब मुझे पद उन्नति मिली थी तब मैंने फैक्ट्री के ख़ास कर्मचारी को एक पार्टी भी दिया था | पार्टी के दौरान मैंने शानदार पकवान बनवाया था लोगो ने जब मेरा पकवान खाया तो उन्होने मेरी पकवान की बड़ाई किया था | पार्टी में उस फैक्ट्री की कई सारी लडकिया को भी शामिल किया था जो फैक्ट्री में कार्य किया करती थी | उन लडकियो से मेरी दोस्ती थी इसलिए उन लडकियो में से कुछ को मैंने पार्टी में बुलाया था | मेरी फैक्ट्री में एक लड़का मेरा ख़ास मित्र है | उस मित्र ने मुझे एक सलाह दिया था की हमलोग फैक्ट्री में कार्य करने वाली लडकियो को पट्टा सकते है | उसकी सलाह पर मैंने एक लड़की को भी पटाया भी था और उसको फैक्ट्री के अन्दर चोदा भी था  | फैक्ट्री में किसी को चोदना सरल नही होता है लेकिन मैंने उसको सावधानी से चोदा | जब मै उस लड़की को फैक्ट्री में चोद रहा था तब मैंने पहेले उसके होटो को चूमा और चुमते हुए उसे आई लव यू कहा | उसने भी मुझे से कहा अब देर नही करो और जो करना है करो |

मैंने उसके दूध दबाना शुरु कर दिया | मै उसके दूध दबा रहा था और उसके दूध को अह अह कह कर पी रहा था | फिर मैंने उसके चड्डी के अन्दर अपने हात डाल दिया | मुझे राजा कहकर बुलाने लगी | कुछ पल के बाद मैंने उसकी चड्डी को पैर तक उतार दिया | तब मैंने उसके  चूत को अपने जीव से चाटा | उसकी गुलाबी चूत को मैंने हाथ से सहलाया और लंड उसकी चूत में डाल दिया | मै उसे गोदी में उठाकर चोद रहा था | चोदने के दौरान मै उस लड़की को उपर और निचे कर रहा था ताकि मेरा लंड उसकी चूत में सरलता से घुस सके | वो लड़की अह अह चिला रही थी | आह आह चिलाने के वजय से मुझे डर लग रहा था | क्योकि फैक्ट्री में कई सारी लोग भी मौजूद थे | मै उसको चोदने में इतना व्यस्त हो गया था की मै उसे छोड़ नही पा रहा था | उसकी गाड को देखने के बाद मैंने अपना लंड उसके अन्दर डाला और उसकी चुदाई किया | जब मै उसे चोदते हुआ थक गया तो मेरे लंड से वीर्य निकलने लगा और उसके नंगे बदन में फैल गया और मैंने कपडा पहन लिया | उस समय फैक्ट्री में चोदने के लिए सतर्कता अपनाया था ताकि कोई भी उस लड़की को चोदते समय मुझे पकड न ले | उस मित्र के विषय में जानने के लिए गया जिसके वजय से मैंने एक लड़की पटाने का फैसला किया था | मै एक दिन उसके परिचितो से मिला और मैंने पाया की एक बढ़िया लड़का था जो एक कामकाजी लड़का था | उस लड़के ने जब मुझ से मित्रता किया था तब मै फैक्ट्री में उसके साथ भोजन किया करता था |


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