मेरी नौकरानी रचना की कुंवारी चूत के मजे लूटे

नमस्कार दोस्तों मेरा नाम राजेश और मैं उत्तराखंड का रहने वाला हूँ | मेरी उम्र 22 साल है और लम्बाई 5.6 इंच है और मेरे लंड की लम्बाई 7 इंच है देखने में मैं बहुत खूबसूरत तो नहीं पर ठीक-ठाक लगता हूँ | अब ज्यादा बकवास ना करते हुए अपनी आज की कहानी की तरफ ले चलता हूँ | दोस्तों यह मेरी आज की कहानी मेरी नौकरानी की है  | उसकी उम्र कोई 20 साल के करीब है और उसकी अभी तक शादी नहीं हुई है | उसका नाम रचना है और दिखने में बहुत ज्यादा सेक्सी है | उसका सावला रंग और उसके बूब्स का साईज़ 32-28-36 है | लेकिन वो बिल्कुल मस्त दिखती थी | रचना हमारे घर पर दो टाईम काम करने आती थी, एक सुबह और दूसरा शाम को और मैं हमेशा रचना के जिस्म को देखकर उसे चोदने के बारे में सोचता रहता था | लेकिन मुझे कभी भी मौका ही नहीं मिलता था और वैसे रचना बहुत कम बोलती थी | वो बस अपने कामो में लगी रहती और काम खत्म करके अपने घर पर चली जाती थी | फिर एक दिन हमारे पर बर्थडे पार्टी थी | रचना को वहां पर काम करते करते थोड़ी रात हो गई और मुझे उसे उसके घर पर छोड़कर आना पड़ा | मैंने अंदर से अपनी बाईक को बाहर निकाल लिया और में उसे छोड़ने के लिए चला गया |

फिर जब रचना मेरे कंधे पर हाथ रखकर बाईक पर चड़ी तो उसके बड़े-बड़े बूब्स मेरी पीठ पर छूने लगे और मैं बाईक को धीरे-धीरे ब्रेक मारता हुआ चला रहा था | लेकिन उसका घर पास में ही था तो मुझे थोड़ा ही मज़ा लेने का मौका मिला और उस रात के बाद से मेरी रचना से थोड़ी बात होनी शुरू हो गई और में अपनी बाईक पर बिठाकर लगातार उसको घर पर छोड़ने जाने लगा और उसके मज़े लेने लगा और उसके बाद से मैंने भी ध्यान दिया था | जब भी में नहाकर बाथरूम से आता तो रचना मुझे छिपकर देख रही होती थी और मैं भी जब वो सफाई करती थी तो उसके मोटे मोटे बूब्स को देखा करता था | जब वो देखती कि में उसके बूब्स देख रहा हूँ तो वो और झुककर सफाई करने लगती थी | जिसकी वजह से मुझे उसके बूब्स और भी ज्यादा अन्दर तक नजर आते और में मन ही मन बहुत खुश हुआ करता था |  अब में सिर्फ़ उस दिन का बहुत बेसब्री से इंतजार कर रहा था | कि घर पर जब कोई नहीं होगा तो में अपना शिकार पकड़ लूँगा | वो भी शायद अब मुझसे यही चाहती थी | वो हमेशा किसी ना किसी बहाने से मुझे अपने बूब्स के दर्शन कराया करती थी | फिर आखिरकार बहुत इंतजार करने के बाद वो दिन आ ही गया | जब उस दिन घर पर सुबह-सुबह कोई भी नहीं था | मम्मी-पापा किसी काम से बाहर सुबह ही चले गये और उनको शाम को वापस आना था | फिर रोज की तरह रचना घर पर अपना काम करने के लिए आई और फिर वो सफाई कर रही थी | मैं बेडरूम में जाकर बेड पर बैठ गया और में उसके बूब्स देख रहा था और वो मुझे धीरे-धीरे मदहोश करने लगे थे | तभी उसने भी मुझे देख लिया लेकिन फिर मैं उसके बूब्स देख रहा था | मुझे उसके बूब्स देखने में बहुत मज़ा आ रहा था | क्योंकि मुझे किसी का डर नहीं था और वो मुझे तिरछी नजरों से देखकर मुस्कुरा रही थी | मुझे अपनी और आकर्षित कर रही थी और फिर वो भी धीरे-धीरे अपना काम करते हुए बेडरूम से बाहर चली गयी और अब वो पूरी सफाई कर चुकी थी और अपने घर पर जाने वाली थी |

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फिर उसने मुझसे कहा कि में अब जा रही हूँ और शाम को आ जाउंगी | मैंने तभी उसको बोला कि रचना एक मिनट अंदर आओ | वो चुपचाप अंदर आ गई, लेकिन वो बहुत शरमा रही थी और फिर वो बोली कि हाँ जी कहिए क्या काम है | मैंने उससे बोला कि तुम पहले यहाँ पर बैठो और वो चुपचाप बैठ गयी | मैंने उससे कहा कि क्या तुम्हे पता है कि तुम कितनी सुंदर हो | तो वो शरमाने लगी और उसने अपनी नजरे एकदम झुका ली और फिर मैंने एकदम सही मौका देखकर उसका एक हाथ पकड़ लिया तो वो नर्वस होने लगी और बोली कि आप यह क्या कर रहे हो | तो मैंने बोला कि में तुम्हे हाथ लगाकर तुम्हे छूकर देख रहा हूँ और फिर में अपना हाथ उसकी कमर पर लगाने लगा | लेकिन वो कुछ नहीं बोली और बीच में अपनी दोनों आखें बंद करके मुहं घुमाकर मुझसे बोल रही थी कि बस करो रहने दो, कोई आ जाएगा छोड़ दो मुझे कोई आ जाएगा तो हमे देख लेगा | फिर मैंने जैसे ही उसकी नाभि पर हाथ रखा तो उसने सिसकियाँ लेनी शुरू कर दी और उसने आखें बंद करके मुहं ऊपर की तरफ कर लिया |

फिर मैंने उसकी गर्दन पर किस करना शुरू कर दिया और उसने भी मेरा साथ देते हुए मुझे हग करना शुरू किया | जिससे मुझे उसको बेड पर लिटाने में थोड़ी आसानी हो गयी और मैंने उसकी गर्दन पर किस करते हुए उसके होंठो पर किस किया और उसने भी जमकर मेरा साथ दिया तो वैसे ही मैंने उसके मोटे मोटे बूब्स को दबाने शुरू कर दिया और रचना भी मुझे पागलों की तरह चूमने लगी | फिर उसने मुझे इस तरह ज़ोर से चूमा कि वो मेरी पूरी जीभ अपने मुहं में ले गयी और ज़ोर-ज़ोर से चूसने लगी | फिर मैंने चूसते-चूसते रचना को पूरा नंगा कर दिया था और वो भी मेरे कपड़े उतार रही थी | फिर रचना ने मेरी अंडरवियर को उतार दिया और मेरे लंड को देखकर उसके चेहरे पर एक अजीब सी मुस्कान आ गयी और वो मेरे लंड को मुहं में लेकर चूसने लगी | वो समय मेरे लिए किसी जन्नत से कम नहीं था और वो मेरे लंड को 20 मिनट तक लगातार चूसती रही और अब मैंने उसे 69 की पोज़िशन में कर दिया | फिर मैंने देखा कि उसकी चूत बिल्कुल साफ थी | उसकी चूत पर एक भी बाल नहीं था | मैं भी उसकी चूत को पागलों की तरह ज़ोर से चाटने लगा तो ज़ोर से सिसकियाँ लेने लगी और अपनी गांड को उठा उठाकर मुझे अपनी चूत में घुसाकर चटवाने लगी और कहने लगी कि अह्ह्ह  ओह्ह्ह  हाँ और ज़ोर से | करीब दस मिनट तक लगतार उसकी चूत चूसने के बाद वो और भी तड़पने और कहने लगी, प्लीज और ज़ोर से चूसो खा जाओ इसे |

फिर में समझ गया कि अब यह झड़ने वाली है, में उसे और भी ज़ोर ज़ोर से चूसने लगा और करीब दो मिनट के बाद में वो झड़ गयी और उसने मुझे ज़ोर से गले से लगा लिया | मैंने उसकी दोनो टांगों को फैलाकर अपने लंड को उसकी चूत के मुहं पर रखा और रगड़ने लगा और हल्का सा धक्का देकर अंदर किया उसकी चूत बहुत टाइट थी मेरा आधा लंड उसकी चूत में घुस गया | वो चीख उठी वो कहने लगी प्लीज इसे बाहर निकालो बहुत दर्द हो रहा है | उसकी चूत से खून निकलने लगा था | मैं उसको चूमने लगा तब जाकर वो कुछ शांत हुई | अब उसे भी मज़ा आने लगा था वो सिसकियाँ भरने लगी और अब मैंने एक जोरदार झटका मारा तो एकदम उसकी बहुत ज़ोर से चीख निकल गयी और वो बोली कि प्लीज थोड़ा आह्ह धीरे करो ओह्ह्ह प्लीज  | फिर मैंने एक और झटका मारा तो मेरा पूरा का पूरा लंड अंदर चला गया और उसके मुहं से अह्ह्ह इह्ह्ह उम्ह्ह्ह  इश्ह्ह ओफ्फ्फ जैसी आवाज़े निकलने लगी और अब में उसकी कमर को पकड़कर अपने लंड को ज़ोर-ज़ोर से धक्के देकर अंदर करने लगा | फिर 30 मिनट तक लगातार चोदने के बाद हम दोनों झड़ गए और उसने मुझे अपनी बाहों में कसकर भर लिया | मैं उसको बाथरूम में ले गया और हम दोनों ने साथ में स्नान किया |

फिर कुछ देर बाद हम उठे और हम दोनों ने अपने-अपने कपडे पहने फिर वो चली गई | लेकिन जब वो शाम को वापस आई तो किचन में बर्तन साफ कर रही थी | फिर में उसे पीछे से पकड़कर उसकी गर्दन को चूमने लगा और उसकी गांड पर मेरा खड़ा लंड घुस रहा था | वो फिर से मदहोश होने लगी | फिर मैंने उसे अपनी गोद में उठाया और बेडरूम में ले गया और मैंने उसके कपड़ो को उतारकर बूब्स को चूसना शुरू कर दिया | उसकी मस्त गांड देखकर मैंने उसको घोड़ी बनने को कहा पहले तो वो मना करने लगी पर मेरे बहुत कहने पर मान गयी फिर मैंने उसकी गांड पर थोडा हेयरआयल लगाया और उसकी गांड में अपना लंड डाल दिया | उसकी गांड भी आज तक किसी ने नहीं मारी थी जिसकी वजह से उसे बहुत दर्द हो रहा था | मैं धक्के लगाता रहा कुछ देर बाद उसका दर्द कम हो गया था | वो वो भी अपनी गांड उचका कर मेरा पूरा साथ दे रही थी और अपनी चूत में उँगली डाल रही थी | उसके बाद मैंने उसकी चूत में अपना लंड डाल दिया और उसकी मस्त चुदाई की | मुझे जब भी मौका मिलता था मैं उसकी चुदाई करता था | वो भी मुझसे बहुत खुस थी |