लंड दिया बिज़नस लिया

बात उन दिनों की है जब मैं अपने दोस्त के साथ इवेंट कंपनी चलाता था और हम नए थे तो हमें क्लाइंट्स की सख्त ज़रुरत थी, आए दिन नई मीटिंग्स और नए चेलेन्जेस मिलते थे. लेकिन कनिका ने जो चेलेंज दिया था उसकी बात ही कुछ और थी, दरअसल कनिका हमारे एक क्लाइंट की मार्केटिंग मेनेजर थी और उसके ऑफिस से हमें बड़ी डील के साथ साल भर बिज़नस मिलने वाला था पर कनिका जो कि सुपर फ़्लर्ट थी हमें इस धंधे को ले कर डरा  रही थी कि रेट्स ज्यादा हैं, कम्पटीशन हमें अच्छी रेट दे रहा है वगेरह वगेरह. मेरे दोस्त नमन ने मुझे कहा “यार ये कनिका को कुछ और चाहिए” मैंने पूछा “कुछ और मतलब” तो उसने बोला “एक काम कर मैं उसे वीकेंड पर डिनर के लिए इनवाईट करता हूँ मेरिएट होटल में और तू वहां उसे सब समझा देना”.

मैंने भी हाँ कर दी क्यूंकि एक तो मेरिएट में  जाने को मिल रहा था और दुसरे बिज़नस भी  मिल रहा था”, मैंने पूरी प्रेजेंटेशन पर और रेट्स पर दुबारा वर्क किया और तैयार हो गया फ्राइडे के लिए”. मैं मेरिएट पहुँचा  और कनिका  को कॉल  करने के लिए  जेब से फ़ोन निकाला  ही  था  की कनिका ने मुझे  आवाज़  दी, वो अपनी गाड़ी में  बैठे बैठे  ही मुझे  वेव कर रही थी. मैं अपनी कार से निकल कर उसकी कार के पास पहुँचा तो उसने मुझे अन्दर बैठने को कहा, मैं अन्दर बैठा और उसने उसी वक़्त गाड़ी स्टार्ट कर दी तो मैंने पूछा “अरे यहाँ नमन ने  सीट्स रिज़र्व  कर रखी हैं” तो वो मुस्कुराई  और  बोली  “लेकिन यहाँ तुम मुझे प्रेजेंटेशन नहीं दे पाओगे, इट्स टू नोइज़ी”.

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मैं चुपचाप बैठा रहा और वो गाड़ी ड्राइव कर के शहर के सबसे पोश इलाके में बने अपार्टमेंट में ले गई, गाड़ी पार्किंग में लगा कर मुझे बोली “यहाँ मेरा फ्लैट है, सुकून से प्रेजेंटेशन भी दे देना और कुछ ऑर्डर भी कर लेंगे”. मैं इतना बड़ा चूतिया था की अब भी समझ नहीं पा रहा था कि ये नमन ने मुझे धंधे की खातिर कनिका को बेच दिया है, हम दोनों कनिका के फ्लैट में पहुंचे जो काफी सुन्दर था और करीने से सजाया गया था. कनिका ने मुझे सोफे पर बैठने को कहा और खुद अन्दर चली गई, थोड़ी देर बाद जब बाहर आई तो सिर्फ हॉट पैन्ट्स और बस्टियर में थी. उसने ड्राइंग रूम में रखे एक पुरने ज़माने के ट्रंक को खोला और बोतलों की तरफ इशारा करते  हुए कहा “हेल्प योरसेल्फ”, मैंने कहा “ये सब तो चलता रहेगा, पहले प्रेजेंटेशन देख लो” तो वो मुस्कुरा कर बोली “इस से प्रेजेंटेशन देने का कॉन्फिडेंस बढ़ेगा” और ये कह कर उसने वोडका का एक ड्रिंक अपने लिए बना लिया और मुझे इशारे में पूछा तो मैंने भी एक स्माल स्कॉच ऑन ड रॉक्स बना लिया.

दोनों ड्रिंक लेते लेते प्रेजेंटेशन देख रहे थे तभी मैंने महसूस किया कि कनिका मेरे काफ़ी करीब आ गयी है और लगभग मेरे कंधे पर टिक कर ही प्रेजेंटेशन देख रही है, उसकी सांसें मेरी गर्दन पर साफ महसूस हो रही थीं. मैंने गिलास रखने के लिए खुद से उसको दूर किया तो वो किसी बहाने से और करीब आगई, अब हम लोग कास्टिंग के पेज पर पहुंचे ही थे कि उसने मुझे कहा “बस तुम्हारी यही बात मुझे पसंद नहीं” मैंने कहा “पर कास्टिंग तो तुम्हारे हिसाब से ही बनाई है” तो वो बोली “तुम इतना काम क्यूँ करते हो” और ये कह कर उसने मेरे हाथ से लैपटॉप ले कर टेबल पर रख दिया और खुद मेरी तरफ मुंह कर के मेरी गोद में बैठ गई. ये सब अन एक्सपेक्टेड था और इतना जल्दी की मैं संभल ही नहीं पाया.

कनिका के  कन्धों तक लहराते बाल अब मेरे चेहरे पर थे और उसके होंठ मेरे होठों को छू रहे थे, मैं सोचने समझने को लगाम लगा कर उसके रसीले होंठ चूमने लगा था और कनिका भी बराबर मेरा साथ दे रही थी. वो मुझसे लिपट गई और उसके तने हुए चूचे मुझे महसूस होने लगे थे जिन्हें अब मैंने हलके हाथ से मसलना शुरू कर दिया था, कनिका ने मेरे होठों को चूमना जारी रखा और इस कदर चूमा कि होंठ तो  होंठ  मेरी ठोडी भी उसके थूक से गीली हो गई थी. मैंने उसे पलटा दिया अपना मुंह पौंछा और उसका बस्टियर उतार कर उसकी भरे हुए सांवले चूंचों को चूसने लगा, मुझे उसके चुचे इतने अच्छे लग रहे थे की उनके आगे मैं सब भूल ही गया था.

कनिका ने मेरे लंड को जीन्स के ऊपर से ही सहलाना शुरू किया और उसे मेरे लंड का साइज़ बहार से पता लग गया तो वो बोली “ह्म्म्म इसके साथ काफी मज़ा आएगा” मैंने हँसकर बोला “तो ले लो मज़ा फिर”. कनिका ने मेरी जीन उतारी और अपनी हॉट पैन्ट्स भी और मुझे अधलेटा कर के सीधे मेरे लंड पर सवार हो गई. उसकी चूत इतनी जल्दी पनिया जाएगी पता नहीं था, लेकिन एक बात गज़ब थी की उसकी चूत अन्दर से काफी गर्म थी और कनिका मेरे लंड की सवारी करते हुए अपनी गांड मटका रही थी जिस से मेरा एक्साइटमेंट लेवल बढ़ गया था. कनिका को झड़ने में दो मिनट भी नहीं लगे लेकिन मैंने अपना भूखा  लंड उसकी चूत से निकाले बिना ही उसे घोड़ी बना कर चोदने लगा,  कनिका की आवाजों से उसका फ्लैट गूंजने लगा था और इस बार हम दोनों एक बार फिर झड़ गए.

हम दोनों ने बाथरूम में जा कर अपने अपने जेनिटल धोए और फिर उसने खाना ऑर्डर कर के एक एक ड्रिंक और बनाया, कनिका एक ही साँस में अपना ड्रिंक गटक गई और मेरे लंड को चूसने पर लग गई मैं अपना ड्रिंक लेते हुए कनिका को अपना लंड चूसते हुए निहार रहा था. उसका मुंह मेरे लंड पर इस बला का चल रहा था की मैं अपने होश खो बैठा था, कनिका ने मेरे लंड को बांसुरी की तरह अपने होठों को सजा रखा था और वो मेरे लंड और गोटों पर अपने होंठ रगड़ रही थी, अब कनिका ने एकदम से मेरे लंड को पूरा अपने मुंह में ले लिया तो मैं हैरान रह गया क्यूंकि उसकी न तो साँस घुटी और ना ही कोई तकलीफ हुई. कनिका मेरे लंड को गन्ना और अपने मुंह को रस निकलने की मशीन समझे बैठी थी और उसने अपनी लंड चूसने की कला से मेरे लंड का रस निकाल ही दिया.

खाना खाने के बाद मैंने कनिका को पूरी रात चोदा और अमूमन हर तरह से उसकी गदराई सावली जवानी का मज़ा उठाया, सुबह होते ही कनिका ने अपने मोबाइल से अप्रूवल का मेल कर दिया और मुस्कुरा कर बोली “तुम बहुत अच्छी प्रेजेंटेशन देते हो” मैंने भी कहा “तुम धंधा देती रहो, मैं प्रेजेंटेशन में कसर नहीं छोडूंगा”.