सुबह सुबह बहन की ननद की गांड मारी

मेरा नाम सूरज है मैं हिसार का रहने वाला हूं, लेकिन मैं दिल्ली में नौकरी करता हूं और मेरी उम्र 26 वर्ष है। मैं दिल्ली में दो वर्ष पहले ही आया हूं और मेरी बहन की शादी भी दिल्ली में ही हुई है। मेरी बहन की शादी के कुछ समय बाद ही मैं दिल्ली आ गया था,  तब से मैं दिल्ली में ही काम कर रहा हूं और कभी कबार मैं अपने घर भी चला जाता हूं क्योंकि मुझे छुट्टी बहुत का मिल पाती है इसलिए मैं अपने घर कम ही जा पाता हूं। मेरे पिताजी भी कुछ समय बाद रिटायर होने वाले थे इसलिए मैं उनकी रिटायरमेंट के समय ही घर गया। जब मैं उनकी रिटायरमेंट के समय घर गया तो वह मुझे कहने लगे कि हम लोग तुम्हारे बहन के परिवार को घर पर बुला लेते हैं और एक छोटी सी पार्टी रखते हैं, इस बहाने तुम्हारी बहन भी घर आ जाएगी और उसे भी अच्छा लगेगा इसीलिए मेरे पिताजी ने मेरी बहन को फोन कर दिया और मेरी बहन भी कुछ दिनों बाद घर आ गई। उसका पूरा परिवार आया हुआ था।

मेरे जीजाजी की एक बहन भी है, वह भी हमारे घर पर आई हुई थी। उनकी बहन का नाम पूजा है और मैं उसे पहले से ही पसंद करता हूं लेकिन उसकी सगाई हो चुकी है। उसे भी मेरे बारे में पता है कि मैं उसे पसंद करता हूं लेकिन उसके बावजूद हम दोनों ने कभी भी इस रिश्ते को आगे नहीं बढ़ने दिया। मैंने एक बार पूजा से अपने दिल की बात भी कही थी लेकिन उसने मुझे मना कर दिया और कहने लगी कि जहां मेरे घरवाले कहेंगे वही मैं शादी करूंगी। जब मैंने उसे अपने दिल की बात कही उसके कुछ समय बाद उसकी सगाई कहीं और हो गयी इसीलिए मैंने यही उचित समझा कि अब इस बारे में बात करना सही नहीं रहेगा,  मैंने फिर इस बारे में बात करना ही छोड़ दिया। लेकिन मैं उसे जब भी देखता हूं तो मुझे उसे देख कर बहुत खुशी होती है और मुझे बहुत अच्छा भी लगता है, वह मुझसे बहुत ही अच्छे से बात करती है। जब मैं उसके साथ समय बिताता हूं तो मुझे बहुत अच्छा लगता है। जब वह हमारे घर आये हुए थे तो कुछ दिनों तक वह हमारे घर पर ही रुकने वाले थे। मैंने भी अपने ऑफिस से छुट्टी ले ली थी। मेरे पिताजी बहुत ही खुश थे और वह कहने लगे कि इतने समय बाद हम लोग एक साथ में मिले हैं, मुझे बहुत अच्छा लग रहा है और मेरी मां भी बहुत खुश थी क्योंकि इतने समय बाद हमारा पूरा परिवार एक साथ था।

मेरे पिताजी मेरी बहन को बहुत ज्यादा प्यार करते हैं, वह उसे बचपन से ही बहुत प्यार करते हैं। मैं बचपन में बहुत शरारती था लेकिन उनका प्यार मेरे लिए भी उतना ही था जितना मेरी बहन के लिए था। मेरी मां का नेचर थोड़ा गुस्से वाला है यदि हम कभी कुछ गलत करते थे तो वह हम पर गुस्सा हो जाती थी इसीलिए मैं अपनी मां को देख कर अब तक डरता हूं और मुझे उन्हें देखकर बहुत डर लगता है, मेरी अभी भी उनके सामने बोलने की बिल्कुल भी हिम्मत नहीं होती। मेरे पिताजी भी अब रिटायर हो चुके थे और हमने उस दिन घर पर ही छोटा सा प्रोग्राम कर लिया। हम लोगों ने खुद ही घर को बहुत अच्छे से सजाया था। मैंने और मेरी बहन ने घर को सजाने में बहुत मेहनत की और हमारे साथ पूजा ने भी हमारी हेल्प की। जब मेरे पिता जी घर आए तो हम लोगों ने उनके लिए केक तैयार करके रखा हुआ था और जब वह घर आये तो उसके बाद उन्होंने केक काटा। केक काटते समय वह बहुत ही भावुक हो गए क्योंकि इतने सालों से वह नौकरी पर जा रहे हैं और अब वह घर पर ही रहने वाले थे इसीलिए वह थोड़ा भावुक हो उठे। अब हम लोगों ने उस दिन बहुत इंजॉय किया और घर में मैंने अपने साउंड सिस्टम में गाना बजा दिया। हम लोग आपस में मिलकर डांस कर रहे थे, सब लोग बहुत खुश हो रहे थे। मुझे बचपन से ही डांस करने का शौक है, मैंने जब पूजा से कहा कि तुम भी मेरे साथ डांस करो, तब वह भी मेरे साथ डांस करने लगी। मुझे पूजा के साथ डांस करना बहुत अच्छा लग रहा था। मैं पूजा के साथ डांस कर रहा था। अब काफी देर हो चुकी थी इसलिए सब लोग खाना खाने बैठ गये और खाना खाने के बाद हम लोग काफी देर तक बात करते रहे। जब हम लोग आपस में बात कर रहे थे, मैं पूजा से भी काफी बात कर रहा था। मेरी बहन को मेरे और पूजा के बारे में पता था की पूजा मुझे अच्छी लगती है परंतु हम दोनों की सगाई नहीं हो पाई।

हम लोग सब साथ में कुछ देर बैठे रहे और उसके बाद हम लोग अपने कमरे में चले गए और सोने की तैयारी करने लगे। मैं उस दिन हॉल में ही सो गया था और सब लोग अंदर कमरे में सो रहे थे, मैं रात को काफी देर तक अपने मोबाइल में ही गेम खेल रहा था, थोड़ी देर बाद मुझे नींद आ गयी और फिर मैं सुबह जल्दी उठ गया। मेरी आंख सुबह 4 बजे ही खुल गई, मैंने देखा कि सब लोग सोए हुए हैं। उसके बाद मैं लेटा हुआ था परंतु मुझे नींद ही नहीं आ रही थी। मैं कुछ देर बाद उठ गया और मैं बाथरूम में चला गया। बातरूम में मैंने मुँह हाथ धोया और उसके बाद मैं हॉल में आकर अपने बिस्तर पर लेट गया।  मैं सोने की कोशिश कर रहा था लेकिन मुझे उसके बाद नींद ही नही आई और फिर मैं सोफे पर ऐसे ही काफी देर तक लेटा रहा। जब मैं लेटा हुआ था तो उस वक्त पूजा कि भी  आंख खुल गई। जब वह हॉल में आई तो उसने मुझे देखा मैं उठा हुआ हूं और वह मेरे पास आकर बैठ गई। जब वह मेरे पास आकर बैठी तो उसकी टी-शर्ट से उसके स्तन साफ दिखाई दे रहे थे और मैं उन्हें बड़ी देर से देख रहा था। मैंने जैसे ही हिम्मत करके अपने हाथ को पूजा के स्तन पर लगाया तो उसका पूरा मूड खराब हो गया।

वह मेरे पास आकर बैठ गई मैं उसको किस करने लगा। मैंने उसे अपने नीचे लेटा दिया मैंने उसे बड़े अच्छे से किस किया और उसके होठों को भी काट दिया। मैंने उसकी टीशर्ट से उसके स्तनों को बाहर निकाला और अपने मुंह में लेकर चूसने लगा। मैंने काफी देर तक उसके स्तनों को अपने मुंह में लेकर चूसा। मैंने उसके लोअर को नीचे उतारा तो उसकी मोटी मोटी जांघें देख कर मेरा मूड खराब हो गया और मैंने उसकी योनि को चाटना शुरू कर दिया। उसकी योनि से कुछ ज्यादा ही पानी निकल रहा था लेकिन मुझे बहुत अच्छा महसूस होने लगा। जैसे ही पूजा की योनि के अंदर मैने अपने लंड को डाला तो वह चिल्लाने लगी। उसकी योनि से खून निकलने लगा मुझे बड़ा मजा आ रहा था जब मैं उसे झटके दिया जाता वह मेरा साथ देने लगी मैं ऐसे ही उसे झटके दे रहा था। जब मेरा लंड उसकी योनि के अंदर बाहर होते तो वह बहुत तेज आहें भरने लगी। मुझे उसकी आवाज से और भी ज्यादा सेक्स चढने लगा। मैंने उसके दोनों पैरो को कसकर पकड़ लिया जिससे कि मेरे हाथ के निशान उसकी जांघ पर पड़ गए उसकी जांघ लाल हो गई। मैंने उसे बड़ी तेजी से चोदा जिससे कि उसे भी पूरा मजा आने लगा और वह मेरा पूरा साथ देने लगी। मैंने उसे घोड़ी बना दिया घोड़ी बनाते ही मैंने जैसे ही उसकी योनि में अपने लंड को डाला तो मुझे बहुत अच्छा महसूस होने लगा। मैं भी उसे बड़ी तेजी से धक्के मारने लगा उसकी बड़ी बड़ी गांड देखकर मेरा मन और ज्यादा खराब होने लगा। मैंने अपने लंड को निकालते हुए उसकी गांड के अंदर डाल दिया जैसे ही मेरा लंड उसकी गांड में गया तो वह चिल्ला उठी और कहने लगी तुमने तो मेरी गांड भी फाड कर रख दी। मैंने उसे बड़ी तेजी से धक्के मारे वह बहुत तेज चिल्ला रही थी लेकिन उसकी गांड इतने ज्यादा टाइट थी कि मैं ज्यादा समय तक उसकी गांड की गर्मी को बर्दाश्त नहीं कर पाया और जैसे ही मेरा वीर्य पूजा की गांड में गिरा तो मुझे बहुत अच्छा महसूस होने लगा और पूजा को भी बहुत अच्छा महसूस होने लगा। मैंने उसकी गांड से अपने लंड को बाहर निकालते हुए अपने कपड़े पहन लिए और कपड़े पहनते ही मेरे पापा कुछ देर बाद उठ गए। पूजा भी बाथरूम के अंदर चली गई वह अपनी गांड और चूत को धोने लगी जब वह बाहर आई तो मुझे कहने लगी कि मेरी गांड बहुत ज्यादा दुख रही है और बहुत दर्द भी हो रहा है।


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