घर में आया मेहमान बना मेरी अन्तर्वासना का शिकार

antarvasna kahani हेल्लो दोस्तों कैसे हो आप सभी लोग ? मैं उम्मीद करती हूँ की आप सभी लोग ठीक ही होगे | दोस्तों मुझे सेक्स में शुरू से ही काफी रूचि थी जिसकी वजह से मैं खुले बिचारो की थी और मैं खुल कर बात करने में अच्छा फील करती थी | मैं सेक्स करने के बारे में बहुत ही एडवांस रहती थी और मैं सेक्सी मूवी देखा भी पसंद करती थी और अभी भी पसंद करती हूँ | मैं जब पहले सेक्सी मूवी देखा करती थी तो मुझे सेक्सी कहानी के बारे में पता चला था | मैं तब से सेक्सी कहानी पढने लगी और मुझे सेक्सी मूवी से ज्यादा मज़ा सेक्सी कहानी पढ़ने में आने लगा तो मैं सेक्सी कहानी पसंद आने लगी | मैं अभी तक इतनी कहानी पढ़ चुकी हूँ की मैं अब अपनी कहानी लिखने का विचार करने लगी | तब मेरा भी मन हुआ की मैं अपनी कहानी को आप लोगो तक पहुचाओ तो मैं आज टाइम निकाल कर आप लोगो के सामने अपनी कहानी को लेकर आई हूँ | मैं अपनी कहानी को शुरू करने से पहले अपने बारे में बात देती हूँ | मेरा नाम नेहा है और मेर उम्र इस टाइम 23 साल है | मेरा रंग बहुत साफ है और मैं दिखने में बहुत सुन्दर हूँ | मेरी हाईट ठीक है जिससे मैं सेक्सी भी लगती हूँ | दोस्तों मैं आप सभी लोगो को अपने फिगर के बारे में बता देती हूँ | मेरे बूब्स काफी बड़े और गोल है | मेरे बूब्स गोल और बड़े होने के साथ बहुत चिकने है और मेरी गांड ज्यादा बड़ी तो नही पर सेक्सी बहुत है जिसको देख कर किसी की भी नियत ख़राब हो जाये | मेरी शादी हो चुकी हैं और मेरे पति मेरी रोज ही चुदाई करते हैं और मैं अपनी पति से बहुत खुश रहेती हूँ क्यूंकि उनका लंड लोहे के सामन है | वो मेरी चुदाई की इच्छा को पुरी कर देते हैं जिससे मैं किसी और से चुदने के बारे में नही सोचती हूँ | दोस्तों मैं जो आज कहानी प्रस्तुत करने जा रही हूँ ये मेरी शादी के पहले की है | मैं आप सभी लोगो से उम्मीद करती हूँ की आप लोगो को मेरी कहानी पसंद आयेगी और मेरी कहानी को पढने में मज़ा तो खूब आएगा | अब मैं बिना टाइम को बर्बाद करती हुई सीधे कहानी शुरू करती हूँ |
जब मैं अपने घर में रहती थी तो उस टाइम मेरे घर में मेरी मम्मी और मैं ही रहती थी | मेरे पापा काम की वजह से घर बहुत काम ही आते थे | मेरी मम्मी मुझ पर बहुत कम ही ध्यान दे पाती थी क्यूंकि वो अपने काम में बहुत बिजी रहती थी | उस टाइम की बात है | मेरे घर पर एक लकड़ा आया हुआ था | मैं आप लोगो को उस लड़के के बारे में बता देती हूँ | उसका नाम रानू था और वो बहुत ही सर्मिला किस्म का लकड़ा था | वो दिखने में बहुत स्मार्ट था और उसकी बॉडी बहुत मस्त थी जिसको देख कर मैं उस लट्टू हो गयी थी | मेरे मन में उसके लंड से चुदने की इच्छा जग गयी थी और मैं उसे लाइन भी मारती थी | पर वो इतना सर्मता था की मुझसे कुछ कह ही नही पाता था | मैं उससे कभी कभी जब मम्मी घर में नही होती तो मैं उससे मजाक भी कर देती थी | पर वो मेरे हुस्न के जाल में नही फंसने वाला था क्यूंकि वो लकड़ा बहुत ही सीधा था | मैं उसके लंड से चुदने की कसम खा ली थी और उसके लंड से बिना चुदे मानने वाली नही थी | मैं उससे मजाक मजाक में उसके लंड को पकड लेती थी पर वो मेरी तरफ देख कर नज़ारे नीचे कर लेता था | एक दिन की बात है जब मेरी मम्मी कुछ लेने के लिए बाहर गयी हुई थी | मैं उस दिन उसे पकड कर बेड पर गिरा लिया और उसके हाथ को पकड कर अपनी टी शार्ट को हटा कर उसका हाथ कमर पर रख दिया | जब मैंने उसके हाथ को पकड कर रख दिया तो वो डर के मारे उसके शरीर में करंट सा लग गया |
तब मैं समझ गयी की इसकी प्रोबलम इसका डर है उसको पहले बाहर निकालती हूँ | मैंने दरवाजा बंद किया और उसकी होठो पर अपनी होठो को रख कर किस करने लगी | मैं उसकी होठो को चूसने के साथ उसके हाथ को अपने बूब्स पर रख दिया | उसने मेरे बूब्स को जैसे ही हाथ में पकडे तो उसने अन्दर भी आग लग गयी | दोस्तों मेरे बूब्स इतने गोल और चिकने थे की किसी का भी मन आ जाये | वो मेरे बूब्स पकड कर दबाने लगा और उसका लंड खड़ा हो गया था | जब उसके लंड खड़ा हो गया था तो उसकी पैंट ऊपर उठ रही थी | तब मैंने उसके लंड को पैंट के ऊपर से पकड लिया और उसने मेरी चूत में अपनी ऊँगली घुसा दी | अब दोनों के अन्दर वासना की आग लग गयी थी और हम दोनों के शरीर ने पसीना छोड़ दिया | हम दोनों एक दुसरे की बाँहों में थे और एक दुसरे को चूम चाट रहे थे | हम दोनों सेक्स करने वाले ही थे की मेरी मम्मी की बार से आवाज आई दरवाजा खोल नेहा क्या कर रही है | दोस्तों मैंने तुरंत अपने कपडे सही किये और अपने मुंह को सीसे में देख कर साफ किया | फिर बाल सही करने के बाद दरवाजा खोला तो मम्मी ने पूछा क्या करने लगी थी जो इतनी देर कर दी दरवाजा खोलने में तो मैंने कहा सो गयी थी | फिर मम्मी रात का खाना बनाने की तैयारी करने लगी | फिर कुछ देर में खाना बन कर तैयार हो गया और घर में तीन ही लोग थे उस टाइम तो खाना खाने के बाद लेट गए | मैं लेट कर सोच रही थी की अब मुझे कब मौका मिलेगा जो मैं उसके लंड को अपनी चूत में लेकर चुद पाऊँगी |

दोस्तों उसने 3 दिन बाद की बात है जब मेरी मम्मी मेरी पड़ोस की आंटी से साथ मार्केट गयी थी | जब मेरी मम्मी और आंटी मार्केट जाती है तो पूरा दिन लगा देती है | मेरी मम्मी और आंटी घूम कर आती हैं | उस दिन मुझे मौका भी था और मुझे ये नही पता था की मुझे मौका इतनी जल्दी मिल जायेगा | तब मैंने कंडोम लिया और अपने पास रख लिया | फिर उसके साथ मस्ती करने लगी मैं उसके साथ कुछ देर तक मस्ती करने के बाद हम दोनों एक दुसरे की होठो को चूसने लगे | वो मेरे साथ ऐसे कर करके उसकी हिम्मत भी बढ़ गयी थी जिससे उसे अब डर नही लगता था | वो मेरी रसीली होठो को चूस रहा था साथ में मेरे चिकने बूब्स को कपडे के ऊपर से दबा रहा था | वो अभी तक मेरे बूब्स को पकडे के ऊपर से दबाता था जिससे उसने मेरे बूब्स को नही देखा था | मैंने उसके कपडे निकाल दिए और उसने मेरे कपडे निकाल दिए जिससे मैं उसके सामने ब्रा और पैंटी में आ गयी | वो मेरे गोर गोर स्तनों को देख कर पागल कुत्ते की तरह टूट पड़ा और ब्रा को खीच कर तोड़ दिया | जब वो मेरे साथ ऐसे कर रहा था तो मुझे बहुत मज़ा आ रहा था और मैं मज़े लेती हुई जोर जोर से गर्म सांसे लेने लगी | वो मेरे दोनों बूब्स को मुंह में रख कर जोर जोर से चूसने लगा | मैं बेड पर लेट कर जोर जोर से सिसकियाँ ले रही थी | वो मेरे बूब्स को ऐसे ही जोर जोर से 5 मिनट तक चूसता रहा | फिर मैंने उसके सर को पकड कर अपनी चूत में घुसा दिया और मेरी चूत में ऊँगली को घुसा कर अन्दर बाहर करते हुए चाटने लगा | मैं ऊ ऊ ऊ… आ आ आ.. ई ई ई ई… अ अ अ… सिसकियाँ लेते हुए अपने बूब्स के निप्पल को घुमा रही थी |
वो मेरी चूत के दाने को अपनी होठो से पकड कर खीच खीच कर चूस रहा था | मैं जोर जोर से ऊ ऊ ऊ… आ आ आ.. ई ई ई ई… अ अ अ…सेक्सी आवाजे कर रही थी | फिर मैंने उसके लंड को मुंह में रख कर चूसने लगी | वो अपने लंड को ऐसे ही कुछ देर तक चुसाने के बाद मेरे मुंह से लंड को निकाल लिया | तब मैंने कंडोम को निकाल कर उसके लंड पर चढ़ा दिया | फिर उसने मेरी टांगो को फैला कर मेरी चूत में लंड को घुसा दिया | उसका लंड मेरी चूत में जैसे ही घुसा तो मेरे मुंह से जोरदार सेक्सी आवाजे निकल गयी | वो मेरी चूत में जोर जोर से अन्दर बाहर करते हुए मुझे चोदने लगा | मैं मस्त सेक्सी आवाजे करती हुई चुदने लगी | वो मेरी चूत में जोर जोर के धक्के मार रहा था और मैं नीचे लेट कर चुदाई का मज़ा लेती हुई ऊ ऊ ऊ… आ आ आ.. ई ई ई ई… अ अ अ… कर रही थी | वो मेरी टांगो को उठा कर जोर जोर से अन्दर बाहर कर रहा था | जब वो मेरी चूत में जोर जोर से धक्के मार रहा था तो मेरे बड़े बड़े बूब्स हिल रहे थे | वो मेरे हिलते बूब्स को देखकर धक्को की स्पीड और तेज कर दी और मुझे जोरदार धक्को के साथ चोदने लगा | मैं चुदाई के मज़े लेती हुई अपनी चूत को हिला हिला कर चुद रही थी | वो मुझे ऐसे ही जोरदार धक्को के साथ चोद रहा था जिससे मेरी चूत से गर्म पानी की धार निकल गयी और मैं झड़ गयी | मेरे झड़ने के 3 मिनट बाद वो भी झड़ गया |
तब मैंने उसके कंडोम को निकाल कर उसने लंड को मुंह में रख कर चूसने लगी | मैंने उसके लंड को चूस चूस कर साफ कर दिया | फिर हम दोनों ने कपडे पहन लिए | उसके बाद मैं उस लकड़े से दो बार और चुदी थी | फिर मेरी कुछ दिनों बाद शादी हो गयी और तब से मुझे किसी और के लंड से चुदने की जरूरत ही नही हुई |
धन्यवाद……………


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