मेरी प्रेमिका मेरी ना रही |

हेलो दोस्तों, मेरा नाम सम है और आज मै आपसे अपना एक दुःख दर्द बाटना चाहता हु | मै एक नए शहर मे नौकरी के लिए गया था और मै वहा पर बिलकुल नया था | मै रात को अपने शहर से चला था और सुबह-सुबह ही पंहुचा था | मै एक होटल जाकर तैयार हुआ और सीधे ही ऑफिस चला गया | मै इतने बड़े शहर और इतने

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भीड़भाड़ इलाके मे पहली बार आया था और वहा की संस्कृति से अनजान था, तो मेरे थोड़े से होश उड़े हुए थे | वहा पर एक लड़की थी, मुझे ये नहीं पता था, कि वो किस विभाग मे थी, लेकिन उसने मेरी काफी मद्दत की थी | उसका नाम सीमा था और उसने मेरी सारी चीज़े भरवा दी और मेरे लिए गेस्टहाउस मे रहने का भी करवा दिया | मुझे शहर मे, सीमा का मिलना किसी चमत्कार से कम नहीं लग रहा था | सीमा मुझ से करीब ४ साल बड़ी थी और सीमा की शादी नहीं हुई थी और कामकाजी औरतो वाले हॉस्टल मे रहती थी | मै एक काफी अच्छी नौकरी पर गया था और मेरी सैलेरी भी काफी अच्छी  थी | सीमा की मद्दत से मुझे एक अच्छा घर भी मिल गया था |हम दोनों की नजदिकिया बढने लगी थी और शाम को अक्सर हम दोनों एक साथ ही घर वापस आते थे | हम दोनों एक अधिकतर समय साथ निकलने लगा था | हम दोनों एक दुसरे को प्यार करने लगे थे | सीमा एक बड़े शहर की लड़की थी और काफी आज़ाद ख्यालो वाली लड़की थी | उसने अपने आधे कपडे मेरे घर मे लाकर रख लिए थे और अक्सर वो मेरे घर पर ही रहने लगी थी | मुझे भी लगने लगा था, कि वो मुझसे प्यार करने लगी थी | सीमा को एक प्रॉब्लम आयी और उसे हॉस्टल छोड़ना पड़ा और मैने उसको अपने घर मे शिफ्ट करवा लिया | हम दोनों एक लीव इन रीलेशनशिप  कपल की तरह रहने लगे | मेरे घर मे ३ कमरे थे और शुरू मे तो सीमा और मै अलग-अलग कमरों मे ही रहते थे, लेकिन बाद मे हम दोनों ने एक ही कमरे को अपना बेडरूम बना लिया और हम दोनों के बीच सेक्स का रिश्ता कयाम हो गया | हम दोनों एक पति-पत्नी की तरह ही रह रहे थे; बस इस रिश्ते को केवल एक सामाजिक नाम देना बाकी था |इसी बीच मेरा एक दोस्त मेरे शहर से आकर मेरे ही शहर मे रहने लगा और मेरी मदत से उसको एक नौकरी भी मिल गयी | वो अक्सर हमारे घर आने लगा | मुझे पता ही नहीं चला, कि सीमा और वो कब करीब आ गये? और उन्होंने  मुझसे सारी बातें छिपाना शुरू कर दिया | मुझे इस बात का पता ही नहीं चलता, अगर मै उनको सेक्स करते हुए नहीं पकड़ता | उसके बाद बाद मैने अपने दोस्त और सीमा को ३स्म के लिए तैयार किया और एक दिन हम तीनो ही हमबिस्तर  हो गये | मुझे आज आपको उस सेक्सव्रतांत के बारे  मे बताते हुए बड़ा मज़ा आएगा | हम सब शनिवार की शाम को मेरे घर मे बैठे हुए चाय पी रहे थे | मुझे दोनों पर गुस्सा आ रहा था और बस लड़ने का मन कर रहा था | मैने फिर एक बाद मन मे सोचा, कि अब मुझे इससे शादी तो करनी नहीं है तो जिन्दगी के मज़े ले लिए जाये | फिर मैने एक किताब सीमा को पढने के लिए दी, जिसमे ३स्म की कुछ तस्वीरे थे | अपने दोस्त से पहले  ही बात कर चुका था और उसने भी सीमा से शादी नहीं करनी थी, सिर्फ मज़े करने थे |हम दोनों ने उसी रात सीमा के साथ मस्त संभोग का प्रोग्राम बनाया | बस अब सीमा को तैयार करना बाकी था | सीमा ने हम दोनों के साथ अलग-अलग संभोग का मज़ा लिया था, बस एक साथ करना बाकी था | जब मुझे लगा, कि सीमा को तस्वीरे पसंद आ रही है और वो कुछ गरम होने लगी है, तो मैने अपने दोस्त से ३सम की बातें शुरू कर दी और हम सीमा को सुनाने के लिए जोर-जोर से बात करने लगे | थोडा-थोडा सीमा को भी मज़ा आने लगा था; बस अब सही समय था चोट करने का | मै उठा और सीमा के पास नीचे फर्श पर बैठ गया और मैने सीमा के पेरो को मसलना शुरू कर दिया | सीमा गरम तो थी हे; अब उसकी साँसे भी तेज चलने लगी | इतने मेरा दोस्त भी उठकर आ गया और सीमा के दुसरे पेरो पर अपने होठो को रख दिया और चूसने लगा | सीमा को समझ नहीं आ रहा था, कि हम दोनों क्या कर रहे थे | हम दोनों ने सीमा को उठा लिया और उसको अन्दर कमरे मे बिस्तर पर ले गये और उसके साइड मे लेट कर उसको चूमने लगे | मै उसके होठो पर लगा हुआ था और मेरा दोस्त उसके चूचो कर पकड़कर उनको खाने की कोशिश कर रहा था | सीमा को भी मज़ा आने लगा था और उसने टांगो को खोलना शुरू कर दिया था | हम दोनों ने जल्दी से अपने कपडे उतार दिये और सीमा को भी नंगा कर दिया | सीमा, आज किसी जननेत की परी लग रही थी और हम दोनों लंड उसको चोदने ले लिए बेताब थे | मेरे दोस्त ने सीमा का ऊपर का हिस्सअ संभाला और वो अपना लंड लेकर सीमा के मुह की तरफ चला गया |मैने अपना मुह सीमा की चूत मे घुसा दिया और उसकी चूत की घंटी को चाटने लगा और चूसने लगा | मेरी जीभ को उसकी चूत का स्वाद काफी पसंद था और वो मस्ती मे उसको चाट रही थी | सीमा ने आज अपना पानी कुछ जल्दी ही छोड़ दिया और उसका सारा जूस मेरी जीभ पर आ गया और मैने किसी कुते की तरह उसका सारा पानी चाट लिया | फिर, हमने उसको कुतिया बना लिया और मेरे दोस्त ने उसके मुह को चोदना जारी रखा और मैने उसकी चूत पर अपना लंड रगड़ना शुरू कर दिया | फिर, एक दवाब के साथ तेजी से अपना लंड उसकी चूत मे डाल दिया | इस तरीके से उसको बहुत दर्द होता था, ये मुझे मालूम था और मै आज उसको इसी पोज मे चोदना चाहता था | मेरे तेज झटके से उसकी चूत बुरी तरह से छिल गयी थी और उसकी गांड भी मस्ती मे हिल रही थी | मुझे लगा, कि मै झड़नेवाला  हु, तो मैने अपना लंड बाहर निकाल  लिया और मैने और दोस्त ने अपनी जगह बदल ली| अब मै सीमा का मुह चोद रहा था और वो सीमा की चूत मार रहा था |हम दोनों ही आज हैवान बन गये थे और सीमा को बुरी तरह से चोदना चाहते थे | सीमा थक चुकी थी, लेकिन हम दोनों मे से अभी तक कोई नहीं झाडा था | मै पलंग पर अपने पैर खोल कर बैठ गया और मेरा लंड ९० डिग्री पर सीधा खड़ा हो गया | मैने थोडा सा थूक सीमा की गांड पर डाला और उसको चिकना कर लिया | फिर, दोस्त ने सीमा की गांड को अपने हाथ से खोला और मेरे लंड पर रख दिया | मैने भी दो ही तेज झटको मे, अपना पूरा लंड सीमा की गांड मे घूसा दिया | सीमा चीख बड़ी और जोर-जोर से रोने लगी | मेरे मोटे लंड ने सीमा की चूत को फाड़ दिया था और उसकी गांड से खून की धरा बहने लगी | लेकिन, मैने अपने झटके नहीं रोके और बड़े मज़े मे सीमा को चोदने लगा | अब मेरे दोस्त को भी जोश आ गया और उसने अपना लंड सीमा की चूत पर रगड़ना शुरू कर दिया और एक ही झटके मे अपना पूरा लंड उसकी चूत मे घूसा दिया | अब सीमा डरने लगी थी और उसे कुछ समझ नहीं आ रहा था | हम दोनों ही मस्ती सीमा के दोनों छेदों को चोद रहे थे और कुछ देर मे मैने अपना पानी सीमा की गांड मे छोड़ दिया और मेरा गरम पानी उसकी गांड मे भर गया और मेरे लंड के साथ-साथ बाहर आ गया |मेरा दोस्त भी काफी थक चुका था और उसने भी अपना लंड भर निकाल लिया था और हाथ से मुठ मारके सीमा के शरीर पर अपना वीर्य गिरा दिया | हम दोनों सीमा को पकड़कर सो गये और सीमा भी हमसे लिपट गयी |

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सीमा को उस दिन बड़ा मज़ा आया था और उसने हम दोनों के खूब मस्ती की | उसके बाद तो हम तीनो रोज़ ही सेक्स करते थे और मजे लेते थे |v

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