फ्रेंड की गर्लफ्रेंड की माँ की चुदाई

हेलो दोस्तों मैं आपका हर्ष वापिस हाजिर हूं एक नई कहानी लेकर. बहुत दिनों से टाइम नहीं मिला कुछ लिखने के लिए. आज मैं आप सभी को एक नई कहानी सुनाने जा रहा हूं उसके पहले अपना परिचय देता हूं. जो नहीं रिडर नये है उनके लिए. मेरा नाम हर्ष है मैं मुंबई में रहता हूं. मेरी उम्र २५ साल है. तो अब स्टोरी पर आता हूं. आप सभी को पता है मुझे आंटियों को चोदने में कितना मजा आता है. और उनकी चूत चूसने में तो जन्नत की खुशी मिलती है.

यह कहानी अभी ३ महीने पहले घटी हुई है. यह कहानी मेरे और मेरे दोस्त की गर्लफ्रेंड की मम्मी के साथ हुई है. मेरा एक दोस्त है जिसका नाम सुनील है. हम दोनों एक ही ऑफिस में काम करते हैं और उसने हमारी भी ऑफिस की एक लड़की को पटाया था जीसका नाम नीलम है. नीलम दिखने में ठीक थी लेकिन उसका फिगर मस्त था. सुनील मुझे कभी कभी उन दोनों की चुदाई के बारे में बताता रहता था.

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एक दिन हमारे ऑफिस में एनिवर्सरी की पार्टी थी और उस पार्टी में हमारे बॉस ने सबको इनवाइट किया था. उस पार्टी में नीलम ने अपनी मां को भी साथ लाया था. उसकी मम्मी के बारे में मैं आप सबको बता दूं. उनका नाम कल्पना था उम्र ४७ साल होगी. वह दिखने में थोड़ी नीलम जैसी थी. और उनका फिगर ३६-४०-३६ था. उनके पति ने दो शादी की थी और वह अपना ज्यादातर समय उनकी दूसरी वाइफ के साथ बिताते थे.

उस दिन नीलम अपनी मॉम को साथ ले आई थी उन्होंने येलो कलर की शिफॉन साड़ी पहनी हुई थी मैं बस एक बार उनकी तरफ देखा और देखते ही रह गया. मैं सुनील और हमारे और दो कलिग एक साइड में बैठे पार्टी इंजॉय कर रहे थे और तभी नीलम ने अपनी मॉम को हमसे मिलवाया.

नीलम – हेलो सुनील, यह मेरी मॉम है और मोम यह सुनील हमारे डिपार्टमेंट में काम करता है.

सुनील – नमस्ते आंटी.

कल्पना – नमस्ते.

नीलम – और मां यह हर्ष है और यह ललित और जतिन है, यह भी हमारे ही डिपार्टमेंट में है.

तब मैं जानबूझ कर आगे बढ़ा और आंटी के पैर छू लिए और उन्हें नमस्ते किया. उसके बाद नीलम ने मॉम को अपने दूसरे कलीग दोस्तों से मिलवाने लेकर गई. मैं तो बस उनको ही देख रहा था और शायद यह बात आंटी ने भी नोटिस की थी. फिर थोड़ी देर बाद सुनील और बाकी के दो फ्रेंड ड्रिंक करने चले गए. मैं वहीं बैठा टाइम पास कर रहा था तब वहां नीलम और उसकी मां आ गई.

नीलम – अरे हर्ष यह सुनील कहां चला गया?

मैं – अरे वह यही कुछ खाने पीने के लिए गया है.

नीलम को पता चल गया कि वह ड्रिंक करने गया है और नीलम भी कभी कभी ड्रिंक करती थी, तो उसने बहाना बनाकर उसकी मॉम को मेरे साथ छोड़ा, और खुद सुनील को देखने चली गई. फिर मैं और आंटी ऐसे ही बातें करने लगे.

मैं – आप कुछ लेंगे आंटी खाने में या और कुछ?

आंटी – नहीं बेटा बस थोड़ा पानी चाहिए था.

मैं – ओके अभी लेकर आता हूं.

मैं आंटी के लिए पानी लेकर आ गया, उसके बाद हम दोनों बातें कर रहे थे.

मैं – आप इस साड़ी में बेहद खूबसूरत लग रही हो.

आंटी – थैंक्यू बेटा.

और फिर मैं और आंटी ऐसे ही बात कर रहे थे. मैं बार बार उनके लिप्स और बूब्स को ही देख रहा था, और यह बात शायद आंटी में भी नोटिस की  लेकिन उनका कोई रिएक्शन नहीं था. उसके बाद नीलम और सुनील भी आ गए. दोनों ने भी ड्रिंक की हुई थी.

नीलम – चलो सब डांस करते हैं.

आंटी – (शरमाते हुए) ना, मैं नहीं तुम लोग जाओ.

मैं – अरे चलो ना आंटी, मजा आएगा आपको भी. चलो ज्यादा कुछ नहीं करना है.

और फिर मैं उनका हाथ पकड़कर डांस फ्लोर पर ले कर आया. और वह भी हंसते हंसते आई. उसके बाद नीलम और सुनील डांस कर रहे थे मैं आंटी के साथ ठुमके लगा रहा था और वह भी डांस को थोड़ा बहुत इंजॉय कर रही थी, और एक स्लो मोशन का सॉन्ग आया और सभी सालसा करने के मूड में आ गए थे.

मैंने भी आंटी का हाथ थामा और एक हाथ उनके कमर पर हाथ रख कर धीरे धीरे डांस कर रहा था और उनकी आंखों में देख रहा था. ना वह कुछ बोल रही थी और ना मैं कुछ बोल रहा था, और तभी मैंने उनको अपने करीब खींच कर उनके कान में कहा

मैं – आंटी आप सच में बेहद खूबसूरत हो.

और धीरे से उनके यह इयर लोब को चुम लिया. आंटी ने बस २ सेकेंड अपना सर मेरे चेस्ट पर रखा, ओह्ह सच में क्या फिलिंग थी वह और वह शर्माकर डांस फ्लोर से चली गई. उसके बाद सभी खाना खाकर घर चले आए.

उस रात मैंने आंटी को याद कर के चार बार हिलाया, तब जाकर सुकून आया. दूसरे दिन ऑफिस को छुट्टी थी. उस के दूसरे दिन हम सभी ऑफिस आ गए. उस दिन जब मैं ऑफिस से निकला तभी पार्किंग में मुझे नीलम मिली और उसने मुझे गले लगाकर थैंक्स बोला. मुझे तो सच में उसके बूब्स में सीने पर महसूस हुए. फिर मैंने कहा

मैं – थैंक्स क्यों?

नीलम – कल तुमने मॉम के साथ जो वक्त बिताया उसके लिए. कल वह बेहद खुश थी मैंने पहली बार उनको इतना खुश देखा है. सो रियली थैंक यू सो मच. एक और बात उन्होंने तुम दोनों को घर पर बुलाया है डिनर के लिए.

मैं – थैंक्यू लेकिन सच में आंटी बहुत प्यारी है, मुझे भी अच्छा लगा उनके साथ.

नीलम – हर्ष सो स्वीट ऑफ यू.

और फिर एक बार उसने मुझे गले लगाया इस टाइम मैंने जानबूझकर उसकी गांड पर अपना हाथ फेर लिया. लेकिन उसने कुछ नहीं कहा. फिर वह चली गई वहां से और मैं भी घर पर आ गया.

अगले दिन मैं सुनील और नीलम ऑफिस से निकल कर एक साथ निलम के घर जाने के लिए निकले और बीच में सुनील ने एक वाइन का बोतल ले लिया. नीलम और सुनील का ड्रिंक करने का भी प्रोग्राम था. फिर हम लोग नीलम के घर पर पहुंच गए और वहां पर आंटी ने हमारा वेलकम किया. उन्होंने हल्का सा मेकअप किया था मैं तो बस उन्ही को देख रहा था.

हम लोग सोफे पर बैठ गए और आंटी सब के लिए पानी लेकर आ गई.

आंटी – तुम लोग बैठो मैं खाना बना लेती हूं.

नीलम – ओके मॉम तब तक हम लोग मेरे प्रोजेक्ट का काम करते हैं मेरे रूम में.

आंटी – ओके बेटा.

फिर हम तीनों नीलम के रूम में आ गए और तभी सुनील ने मुझे कहा.

सुनील – हर्ष प्रोजेक्ट का कोई काम नहीं है हमें ड्रिंक करनी है. तब तुम आंटी के साथ बातें करो और उन्हें यहां मत आने देना.

मैं समझ गया यहां पर क्या होने वाला है और वहां से निकल कर किचन की तरफ आ गया.

आंटी – अरे हर्ष आओ ना, कुछ चाहिए क्या तुम्हें?

मैं – नहीं आंटी वो मुझे कुछ काम नहीं था उसमें इसीलिए बस आपसे बात करने आ गया.

और मैं आंटी के बाजू में जाकर खड़ा हो कर उनसे बात करने लगा.

आंटी – बस १० से १५ मिनट और फिर हो जाएगा मेरा काम.

मैं – ठीक है आंटी चलेगा. आपको एक बात पूछूं?

आंटी – हां पूछो ना.

मैं – जो मैंने उस दिन डांस करते वक्त आपको कहा, क्या आपको बुरा लगा?

आंटी ने बस स्माइल किया लेकिन कुछ कहा नहीं. मैंने फिर से वही पूछा इस बार भी उन्होंने कुछ नहीं कहा फिर मैं उनके और करीब गया और उनकी आंखों में आंखें डाल कर कहा.

मैं – मैं सच कहता हूं आप सच में बेहद खूबसूरत हो.

आंटी – हर्ष तुम भी ना, अब कहां मैं इतनी सुंदर हूं.

फिर मैंने उनका हाथ पकड़ा और कहा.

मैं – आप बेहद खूबसूरत हो ऐसे लगता है जैसे आपकी आंखों में दिन रात खो जाऊ और..

अब आंटी मेरे तरफ देख रही थी और में भी उनकी आंखों में आंखें डाल कर देख रहा था.

आंटी – और क्या हर्ष?

मैं – और इन प्यारे लबों को चूम लूं.

और मैंने धीरे से हाथ उनकी कमर में डाल कर उन्हें अपने से सटा लिया और होंठ पर अपने होंठ रख दिए. पहले तो उन्होंने कोई रिस्पांस नहीं दिया फिर वह भी रिस्पॉन्स करने लगी थी. हम दोनों कुछ ५ मिनट तक किस कर रहे थे.

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तभी नीलम के रूम का दरवाजा खुला और हम अलग हो गए. आंटी झट से अपने  किचन के कामों में लग गई, मैं भी बाहर आ गया. उसके बाद नीलम और सुनील भी बाहर आ गए और आंटी भी आ गई. खाना रेडी था तो सब ने खाना खाया.

उसके बाद मैं और सुनील घर जाने के लिए निकल गए, आंटी बस मंद मंद मुस्कुरा रही थी. उस रात में घर पर जाकर सो ना सका. बार बार आंटी की याद आ रही थी. क्या करूं कैसे उन्हें चोदु? यही ख़याल दिमाग में आ रहा था.

दूसरे दिन मैं लेट उठा तो ऑफिस नहीं जा सका. मैंने सुनील को कॉल करके बताया कि मेरी तबीयत ठीक नहीं है इसलिए मैं आज नहीं आ रहा हूं. उसके बाद में नहा के टीवी देख रहा था तभी मुझे नीलम की मम्मी का फोन आया.

आंटी – हेलो हर्ष बेटा क्या हुआ तुम्हें?

मैं – कुछ नहीं आंटी, मैं ठीक हूं.

आंटी – वह मैंने नीलम को फोन किया था तब उसने बताया कि आज तुम ऑफिस नहीं गए हो तुम्हारी तबीयत ठीक नहीं है.

मैंने कहा नहीं आंटी मैं ठीक हूं. वह बस सुबह लेट उठा तो नहीं जा पाया ऑफिस. आप कहो तो आ जाऊ आप से मिलने?

आंटी – अभी आ सकते हो तो आ जाओ, मैं इंतजार करती हूं.

और उन्होंने फोन रख दिया. मैं भी सोचा चलो मस्त मौका है आज घर पर कोई नहीं होगा और फिर मैं घर से निकल कर आंटी के यहां पर आ गया. जैसे ही मैं अंदर आया आंटी को बस देखता ही रह गया. उन्होंने ब्लैक कलर की साड़ी पहनी हुई थी और हल्का सा मेकअप किया था शायद मेरे लिए.

सच में बेहद हसीन लग रही थी फिर मैं सोफे पर बैठ गया और आंटी ने पानी लेकर आई और मेरे ही बाजू में बैठ गई.

आंटी – मुझे सच में लगा तुम बीमार हो.

मैं – नहीं ऐसा नहीं है कुछ. वह तो बस रात को जल्दी नींद नहीं, आई इसलिए सुबह लेट हो गया उठने के लिए.

तबीयत ठीक है. उन्होंने स्माइल करते हुए पूछा.

आंटी – क्यों नींद नहीं आ रही थी रात में?

मैं – बस उनकी तरफ देखकर मुस्कुरा रहा था. फिर मैंने धीरे से उनका हाथ पकड़ा और कहा.

मैं – आपकी वजह से मुझे नींद नहीं आ रही थी. जब भी आंखें बंद करता था आपका चेहरा नजर आता था और फिर..

अब मैंने अपना कहना अधूरा छोड़ा और उनका हाथ अपने हाथों में ले लिया.

आंटी – और फिर क्या हर्ष?

अब उन की धड़कनें बढ़ रही थी और मैं भी अब खुद को रोक नहीं सकता था. मैंने अपना एक हाथ उनकी गर्दन के पीछे डाला और उनके होंठो पर अपने होंठ रख दिए. उन्होंने अपनी आंखें बंद कर ली थी. अब हम दोनों दूसरे दूसरे को किस कर रहे थे. मैं आंटी के बालों को सहलाता हुआ उनके पीठ पर अपना हाथ घुमा रहा था. कुछ १० मिनट किस करने के बाद आंटी मुझे अपने बेडरूम में लेकर गई.

आंटी – आऊओ औऊ ओह्ह हर्ष.

अब मैंने आंटी को पीछे से पकड़कर उनकी पीठ को चूमते हुए बूब दबा रहा था, और धीरे-धीरे उनकी साड़ी निकाल रहा था.

मैं – आंटी यू आर सो स्वीट. सच में आप बेहद हसीन और मीठी हो.

मैं उन्हें बेतहाशा चूम रहा था और चूमते चूमते उनके सारे कपड़े उतार दिए और उनको बेड पर लेटा कर उनकी चूत चाटने लगा था. उनकी चूत पहले से पानी छोड़ रही थी, बड़ा मजेदार नमकीन स्वाद था.

उन्होंने मुझे अपने ऊपर खींच लिया और मेरे कपड़े उतार कर सीधा मेरा लंड अपनी चूत पर रखा और कहा.

आंटी – बेटा अब नहीं रहा जाता. बहुत सालों से इस के लिए तड़प रही थी. अब घुसा दो अपनी आंटी की चूत में और चोदो जोर जोर से.

अब मैंने भी अपना लंड आंटी की चूत पर सेट किया और धीरे-धीरे धक्के मारने लगा. आंटी की चूत टाइट थी बहुत दिनों बाद उसमें लंड जा रहा था.

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मैं – आंटी आपकी चूत कितनी टाइट है, मजा आ रहा है उसे चोदने में मेरी प्यारी आंटी.

मैं आंटी को चोदते हुए दोनों बूब्स दबा रहा था और उसे किस कर रहा था. आंटी भी चिल्ला रही थी थोड़ा धीरे धीरे, लेकिन मैं अब दनादन शॉट लगा रहा था. और उन्हें भी मजा आ रहा था.

आंटी बेटा चोद ऐसे ही अपनी आंटी को बहुत दिनों के बाद यह सुख मिल रहा है और जोर से बेटा और जोर से, कितना प्यारा हे तू.

फिर कुछ २५  मिनट की चुदाई के बाद हम दोनों झड़ रहे थे. मैंने अपना वीर्य आंटी की चूत में ही डाल दिया था. उसके बाद कुछ देर हम युहीं लेटे रहे और फिर उस दिन मैंने आंटी की चार बार चुदाई कर के घर आ गया.


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